प्रमुख जैन-पर्व Pramukh Jain – Parv

प्रमुख जैन-पर्व
Pramukha Jaina-Parva

(वीर निर्वाण संवत के क्रम से)
(Veer Nirvaan samvat ke kram se)
 
१. कार्तिक कृष्ण १५ अमावस्या को प्रात: –> भ. महावीर निर्वाणोत्सव
1. Kārtika Kr̥ṣṇa 15 Amāvasyā kō prāta: –> Bh. Mahāvīra Nirvāṇōtsava

 
२. कार्तिक शुक्ल ८ से पूर्णिमा तक –> अष्टाह्निका पर्व -१
2. Kārtika Sukla 8 sē Pūrṇimā taka –> Aṣṭāhniakā Parva -1

 
३. माघ कृष्ण १ से फागुन कृष्ण १ तक –> षोडश कारण व्रत -१
3. Māgha Kr̥ṣṇa 1 sē Phāguna Kr̥ṣṇa 1 taka –> Sōḍaśa kāraṇa vrata -1 taka

 
४. माघ शुक्ल ५ से १४ तक –> दशलक्षण धर्म (पर्यूषण) पर्व-१
4. Māgha Sukla 5 sē 14 taka –> Daśalakṣaṇa Dharma (Paryūṣaṇa) parva-1

 
५. माघ शुक्ल ५ से ९ तक–>पुष्पांजलि व्रत-१
5.Māgha Sukla 5 sē 9 taka –>Puṣpān̄jali vrat-1

 
६. माघ शुक्ल १३ से पूर्णिमा तक –> रत्नत्रय व्रत -१
6. Māgha śukla 13 sē pūrṇimā taka –>Ratnatraya vrat-1

 
७. माघ कृष्ण १४ –>भ. ऋषभ निर्वाणोत्सव
7. Māgha Kr̥ṣṇa 14 –>Bh. Rṣabha Nirvāṇōtsava

 
८. फाल्गुन शुक्ल ८ से पूर्णिमा तक –>अष्टाह्निका पर्व -२
8. Phālguna śukla 8 sē Pūrṇimā taka –>Aṣṭāhnikā Parva-2

 
९. चैत्र कृष्ण १ से बैशाख कृष्ण १ तक –> षोडश कारण व्रत -२
9. Caitra Kr̥ṣṇa 1 sē Baiśākha Kr̥ṣṇa 1 –>Sōḍaśa kāraṇa vrata -2 taka

 
१०. चैत्र शुक्ल ५ से १४ तक –>दशलक्षण-धर्म पर्व -२
10. Caitra Sukla 5 sē 14 taka –>Daśalakṣaṇa-Dharma Parva -2

 
११. चैत्र शुक्ल ५ से ९ तक –>पुष्पांजलि व्रत -२
11. Caitra Sukla 5 sē 9 taka –>Puṣpān̄jali vrat -2

 
१२. चैत्र शुक्ल १३ से पूर्णिमा तक –>रत्नत्रय व्रत -२
12. Caitra śukla 13 sē Pūrṇimā taka –>Ratnatraya vrat -2

 
१३. चैत्र शुक्ल १३ –>भ. महावीर जयंती
13. Caitra Sukla 13 –> B. Mahāvīra Jayantī

 
१४. बैशाख शुक्ल ३ –>अक्षय-तृतीया
14. Baiśākha Sukla 3 –>Akṣaya-Tr̥tīyā

 
१५. ज्येष्ठ शुक्ल ५ –>श्रुतपंचमी
15. Jyēṣṭha Sukla 5 –>Srutapan̄camī

 
१६. आषाढ़ शुक्ल ८ से पूर्णिमा तक –>अष्टाह्णिका पर्व -३
16. Sāṛha Sukla 8 sē Pūrṇimā taka –>Aṣṭāhinakā -3

 
१७. श्रावण कृष्ण १ –>वीर-शासन-जयंती
17. Srāvaṇa Kr̥ṣṇa 1 –>Vīra-śāsana-Jayantī

 
१८. श्रावण शुक्ल पूर्णिमा –> रक्षाबंधन पर्व
18. Srāvaṇa Sukla Pūrṇimā –>Rakṣābandhana Parva

 
१९. भाद्रपद कृष्ण १ से आसौज कृष्णा १ –>षोडश कारण व्रत -३
19. Bhādrapada Kr̥ṣṇa 1 sē Asauja Kr̥ṣṇā 1 –>Sōḍaśa kāraṇa vrata -3

 
२०. भाद्रपद शुक्ल ५ से १४ तक –>दशलक्षण-धर्म व्रत -३
20. BhādrapadaSukla 5 sē 14 taka –>Daśalakṣaṇa-Dharma vrata -3

 
२१. भाद्रपद शुक्ल ५ से ९ तक –>पुष्पांजलि व्रत -३
21. Bhādrapada Sukla 5 sē 9 taka –>Puṣpān̄jali vrat -3

 
२२. भाद्रपद शुक्ल १३ से पूर्णिमा तक –> रत्नत्रय व्रत -३
23. Bhādrapada Sukla 13 sē Pūrṇimā taka –>Ratnatraya vrat -3

 
२४. भाद्रपद शुक्ल १ –>लब्धिविधान
24. Bhādrapada Sukla 1–> Labdhividhāna

 
२५. भाद्रपद शुक्ल ३ –>रोट-तीज
25. Bhādrapada Sukla 3 –>Rōṭa-tīja

 
२६. भाद्रपद शुक्ल ७ –>शील-सप्तमी
26. Bhādrapada Sukla 7 –>Sīla-Saptamī

 
२७. भाद्रपद शुक्ल १० –>सुगंध-दशमी
27. Bhādrapada Sukla 10–> Sugandha-daśamī

 
२८. भाद्रपद शुक्ल ११ –>अनंत-व्रत
28. Bhādrapada Sukla 11 –>Anantavrata

 
२९. भाद्रपद शुक्ल १४ –>अनंतचौदस
29. Bhādrapada Sukla 14 –>Anantacaudasa

 
३०. आसौज कृष्ण १ –>क्षमावणी
30. Asauja Kr̥ṣṇa 1 –>Kṣamāvaṇī

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